Bhajan Lyrics
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Saturday, November 18, 2023
पग घूँघरू बाँध मीरा नाची रे।
मैं तो मेरे नारायण की
आपहि हो गई दासी रे।
लोग कहै मीरा भई बावरी
न्यात कहै कुलनासी रे॥
विष का प्याला राणाजी
भेज्या पीवत मीरा हाँसी रे।
'मीरा' के प्रभु गिरिधर नागर
सहज मिले अविनासी रे॥
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