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Tuesday, August 29, 2023

 मोहन आओ तो सही गिरधर आओ तो सही 

माधव रे मंदिर में मीरा बाई ऐकली खड़ी

थे केहवो तो सांवरा मैं मोर मुकुट बन जाऊं

पेहरण लागे साँवरों रे, मस्तक पर राम जाऊं, वारे 

मोहन आओ तो सही गिरधर आओ तो सही 

माधव रे मंदिर में मीरा बाई ऐकली खड़ी

थे केहवो तो सांवरा मैं काजलियो बन जाऊं 

नैन लगावे साँवरों रे, नैना में रम जाऊं, वारे 

मोहन आओ तो सही गिरधर आओ तो सही 

माधव रे मंदिर में मीरा बाई ऐकली खड़ी

थे केहवो तो सांवरा मैं जल जमुना बन जाऊं 

न्हावन लागे साँवरों रे, अंग अंग रम जाऊं रे, म्हें तो 

मोहन आओ तो सही गिरधर आओ तो सही 

माधव रे मंदिर में मीरा बाई ऐकली खड़ी

थे केहवो तो सांवरा मैं पुष्प हार बन जाऊं 

कंठ में पहरे साँवरों रे, हिवड़ा पर रम जाऊं, म्हें तो 

मोहन आओ तो सही गिरधर आओ तो सही 

माधव रे मंदिर में मीरा बाई ऐकली खड़ी

थे केहवो तो सांवरा मैं पग पायल बन जाऊं 

नाचन लागे साँवरों रे, चरणा में रम जाऊं, म्हें तो 

मोहन आओ तो सही गिरधर आओ तो सही 

माधव रे मंदिर में मीरा बाई ऐकली खड़ी